चीन के साथ रिश्ते सुधारने और अमेरिका पर निर्भरता घटाने के लिए इस सप्ताह बीजिंग जाएंगे कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चीन यात्रा पर रिश्ते सुधारने, व्यापारिक विवाद सुलझाने और अमेरिका पर निर्भरता घटाने का प्रयास करेंगे, जबकि टैरिफ और वैश्विक व्यापार तनाव इस दौरे की पृष्ठभूमि हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इस सप्ताह चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। लगभग एक दशक में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की यह पहली चीन यात्रा होगी, जिसका उद्देश्य दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ बिगड़े रिश्तों को सुधारना और अमेरिका पर कनाडा की निर्भरता को कम करना है। प्रधानमंत्री कार्नी बुधवार (14 जनवरी, 2026) को बीजिंग पहुंचेंगे और शुक्रवार (16 जनवरी) को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका के साथ कनाडा के संबंधों में तनाव बढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ और कनाडा को “51वां राज्य” कहे जाने जैसी टिप्पणियों के बाद ओटावा अपनी व्यापार नीति पर पुनर्विचार कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि अगले एक दशक में कनाडा अपने गैर-अमेरिकी निर्यात को दोगुना करना चाहता है।
कार्नी ने एक बयान में कहा कि वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल के बीच कनाडा एक अधिक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके लिए वह नए वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, ताकि किसी एक व्यापारिक साझेदार पर निर्भरता खत्म की जा सके।
कनाडाई अधिकारियों ने संकेत दिया है कि चीन के साथ व्यापारिक विवादों में कुछ प्रगति हो सकती है, हालांकि सभी टैरिफ तुरंत खत्म होने की संभावना नहीं है। चीन, अमेरिका के बाद कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते उस समय बिगड़ गए थे, जब कनाडा ने अमेरिका के अनुरोध पर हुआवे की अधिकारी मेंग वानझोउ को हिरासत में लिया था। इसके जवाब में चीन ने दो कनाडाई नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें 2021 में एक समझौते के तहत रिहा किया गया।
हाल में कनाडा ने अमेरिका का अनुसरण करते हुए चीन से आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत और स्टील-एल्यूमिनियम पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया, जिसके जवाब में चीन ने कैनोला, सीफूड और पोर्क जैसे कनाडाई उत्पादों पर टैरिफ लगाए।
चीनी ने कार्नी की यात्रा को रिश्तों में नई शुरुआत बताया है। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय ने भी इसे दोनों देशों के संबंधों में सुधार की गति को मजबूत करने का अवसर कहा है।
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