सीजेपी प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई मामले में सीजेआई सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी, बोले- हमारा समय बर्बाद न करें
सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने वीडियो देखने से इनकार किया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई से भी मना कर दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को सख्त टिप्पणी की। उन्होंने याचिकाकर्ता पक्ष से कहा कि अदालत का समय बर्बाद न किया जाए।
मामले की सुनवाई के दौरान जब वकील ने कहा कि पुलिस की कथित ज्यादती दिखाने वाले वीडियो मौजूद हैं, तो सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।” इसके बाद उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारा समय बर्बाद मत कीजिए।”
यह याचिका सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से पुलिस कार्रवाई की जांच और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वकील ने कहा कि प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा के संचालन और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बहुत धन्यवाद।”
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मंगलवार को इसी तरह के मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि मामले में कोर्ट को अनावश्यक रूप से शामिल न किया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर सकता है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा की मांग की गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जरूरत से ज्यादा थी। याचिका में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
सीजेपी और सोनम वांगचुक से जुड़े ये प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें वांगचुक के स्वास्थ्य, पुलिस निगरानी और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।