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नड्डा से मुलाकात में सीजेपी ने रखीं तीन मांगें, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग

सीजेपी प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर नीट विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत तीन मांगें रखीं। संगठन ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग को सबसे प्रमुख बताया।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब दिल्ली में सीजेपी के “चलो संसद” मार्च के दौरान हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने जानकारी दी कि नड्डा ने उनकी मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस वादा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।

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दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बैठक में धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या हटाए जाने की मांग रखी गई।

सीजेपी की दूसरी मांग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और उनकी आवाजाही पर लगी किसी भी तरह की रोक हटाने की थी। वांगचुक वर्तमान में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।

संगठन ने तीसरी मांग के रूप में नीट पेपर लीक के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले सभी नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

सीजेपी ने नड्डा को सौंपे पत्र में आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नीट और अन्य परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेने में विफल रहे हैं। संगठन ने दावा किया कि हाल के वर्षों में कई परीक्षाएं पेपर लीक, देरी और तकनीकी समस्याओं से प्रभावित हुई हैं।

सीजेपी प्रतिनिधियों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए मांग की कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें देश के युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी हुई हैं।

इससे पहले सीजेपी के “चलो संसद” मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग के पास रोक दिया गया था। पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे और स्थिति नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

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