जंतर-मंतर पर एसीपी विवेक भगत पर हमले को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, हत्या के प्रयास समेत कई धाराएं लगाईं
जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान एसीपी विवेक भगत पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। हत्या के प्रयास, दंगा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान की धाराएं लगाई गईं।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एसीपी विवेक भगत और अन्य पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में पुलिसकर्मियों की हत्या के प्रयास, दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दावा किया कि प्रदर्शन की भीड़ में कुछ बाहरी असामाजिक तत्व शामिल हो रहे हैं और वे चाकू जैसे हथियारों से लैस होकर पहुंच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि घायल कर्मियों की चोटों से तेज धार वाले हथियारों से हमले की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, घायल एसीपी विवेक भगत के स्वास्थ्य को लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने बयान जारी किया है। अस्पताल ने बताया कि जंतर-मंतर के पास पत्थरबाजी की घटना के बाद एसीपी भगत को सिर में चोट और शरीर पर कई जगह चोटों के साथ अस्पताल लाया गया था।
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अस्पताल के अनुसार, जांच में उनके दोनों हाथ-पैरों और कंधे पर चोट के निशान मिले। सिर के पिछले हिस्से में सूजन थी। उन्हें कान से खून आने और उल्टी की शिकायत भी थी। डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज किया, जिसके बाद एसीपी ने आगे का उपचार एम्स नई दिल्ली में कराने की इच्छा जताई और उन्हें आरएमएल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार शाम जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों की कथित पत्थरबाजी में दो एसीपी और चार पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इससे पहले पंजाबी बाग में तैनात एसीपी जय प्रकाश भी पत्थर लगने से घायल हुए थे।
वहीं, सीजेपी का धरना जंतर-मंतर पर जारी है। प्रदर्शनकारी कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि संगठन ने केवल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है और दिल्ली के अन्य हिस्सों में किसी जमावड़े की अपील नहीं की गई है।
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