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रूस पर लगे प्रतिबंध को खत्म करने के पक्ष में फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने रूस पर लगे चार साल पुराने प्रतिबंध को निष्फल बताते हुए उसे समाप्त करने और खासकर युवा टीमों की बहाली का समर्थन किया है।

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने रूस पर लगे प्रतिबंध को समाप्त करने का समर्थन करते हुए कहा है कि चार वर्षों से चला आ रहा यह प्रतिबंध किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने रूस को फिर से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शामिल करने की वकालत की है।

फीफा ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले की शुरुआत के बाद रूस को सभी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया था। इसके चलते रूस को 2022 में कतर में हुए फीफा विश्व कप से निष्कासित कर दिया गया और वह 2026 विश्व कप के क्वालीफाइंग दौर में भी शामिल नहीं हो सका। 2026 का विश्व कप इस गर्मी में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होना है।

लंदन में फीफा वीमेंस चैंपियंस कप के दौरान दिए गए एक साक्षात्कार में इन्फैन्टिनो ने कहा कि यह प्रतिबंध व्यर्थ साबित हुआ है। उनके अनुसार, इसका पहला कदम रूस की युवा टीमों को फिर से खेलने की अनुमति देना होना चाहिए।

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इन्फैन्टिनो ने कहा, “हमें निश्चित रूप से रूस की बहाली पर विचार करना होगा, क्योंकि इस प्रतिबंध से कुछ हासिल नहीं हुआ है। इसने केवल निराशा और नफरत को बढ़ाया है। अगर रूस के लड़के और लड़कियां यूरोप के अन्य हिस्सों में फुटबॉल खेल सकें, तो यह मददगार होगा।”

यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) की कार्यकारी समिति के पास रूस को बहाल करने का अधिकार है। यूईएफए की अगली त्रैमासिक बैठक 11 फरवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में होनी है। हालांकि, यूईएफए अध्यक्ष एलेक्ज़ेंडर सेफेरिन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यूक्रेन युद्ध समाप्त होने के बाद ही रूस की वापसी संभव है।

वर्ष 2023 में यूईएफए ने कुछ समय के लिए रूस को अंडर-17 यूरोपीय चैंपियनशिप क्वालीफाइंग में शामिल करने की योजना बनाई थी। इसका तर्क था कि बच्चों को सरकार के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए। लेकिन जब एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय फुटबॉल संघों ने रूस के खिलाफ खेलने से बहिष्कार की धमकी दी, तो यूईएफए ने अपना फैसला वापस लेते हुए प्रतिबंध को बरकरार रखा।

सीनियर पुरुष फुटबॉल स्तर पर रूस को केवल दोस्ताना मुकाबले खेलने की अनुमति मिली है। नवंबर में रूस ने चिली और पेरू के खिलाफ मैत्री मैच खेले थे।

गौरतलब है कि 2018 में रूस ने फीफा विश्व कप की मेजबानी की थी और क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था। वह टूर्नामेंट इन्फैन्टिनो के पहले कार्यकाल के दौरान हुआ था।

इन्फैन्टिनो ने यह भी कहा कि फीफा को अपने नियमों में यह सिद्धांत शामिल करना चाहिए कि किसी देश को उसके राजनीतिक नेतृत्व के कार्यों के कारण फुटबॉल खेलने से कभी प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए।

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