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क्या वैश्विक स्मार्टफोन उद्योग बड़े संरचनात्मक संकट से गुजर रहा है? 2026 में बाजार में भारी गिरावट

वैश्विक स्मार्टफोन उद्योग में 2026 की दूसरी तिमाही में 11 प्रतिशत गिरावट आई है। चिप संकट और एआई डेटा सेंटर की बढ़ती मांग बाजार को प्रभावित कर रही है।

वैश्विक स्मार्टफोन उद्योग इस समय एक बड़े संरचनात्मक संकट से गुजर रहा है। बाजार शोध संस्था काउंटरपॉइंट रिसर्च के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में दुनिया भर में स्मार्टफोन शिपमेंट में साल-दर-साल आधार पर 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के चलते स्मार्टफोन बाजार 2013 के बाद दूसरी तिमाही के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट केवल अस्थायी समस्या नहीं है, बल्कि उद्योग में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है। पिछले एक दशक में स्मार्टफोन बाजार में लगातार हुई वृद्धि को इस गिरावट ने काफी हद तक प्रभावित किया है। जो समस्या वर्ष 2024 के अंत में एक छोटी आपूर्ति श्रृंखला बाधा के रूप में शुरू हुई थी, वह अब व्यापक मांग संकट में बदल गई है।

इस संकट का मुख्य कारण स्मार्टफोन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कंपोनेंट्स की कमी बताई जा रही है। सेमीकंडक्टर उद्योग में आए बदलाव ने मोबाइल कंपनियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सिलिकॉन चिप और स्टोरेज कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियां अब अधिक लाभ देने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दे रही हैं।

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एआई आधारित क्लाउड सिस्टम को भारी मात्रा में कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है। इस मांग को पूरा करने के लिए चिप निर्माता अपनी उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा एआई सर्वर और डेटा सेंटर के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका सीधा असर उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर पड़ा है, जहां स्मार्टफोन कंपनियों को कंपोनेंट की कमी और बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है।

इस गिरावट का प्रभाव भारत जैसे प्रमुख उभरते बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में शामिल है, लेकिन आपूर्ति में कमी और कीमतों में संभावित वृद्धि से कंपनियों और ग्राहकों दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि स्मार्टफोन उद्योग अब केवल मांग में कमी से नहीं, बल्कि तकनीकी प्राथमिकताओं में बदलाव से प्रभावित हो रहा है। एआई क्षेत्र में तेजी से बढ़ते निवेश ने सेमीकंडक्टर संसाधनों के वितरण को बदल दिया है। आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियों को उत्पादन रणनीति, कीमतों और तकनीकी नवाचार में नए बदलाव करने पड़ सकते हैं, ताकि इस चुनौतीपूर्ण दौर से बाहर निकला जा सके।

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