टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो सकते हैं हर्षित राणा, भारतीय टीम के सामने तेज गेंदबाज को लेकर बढ़ी चिंता
घुटने की चोट के कारण हर्षित राणा के टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने की आशंका है। सूर्यकुमार यादव ने संकेत दिए कि टीम विकल्पों पर विचार कर रही है।
टी20 विश्व कप 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लग सकता है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा के टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। अभ्यास मैच के दौरान घुटने में चोट लगने के बाद उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संकेत दिए हैं कि राणा का आगामी मुकाबलों में खेल पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
शुक्रवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने कहा कि हर्षित राणा को अभी आधिकारिक रूप से टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया गया है, लेकिन उनकी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि फिजियो की टीम राणा की जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल संकेत सकारात्मक नहीं हैं। कप्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि अगले मैच के लिए टीम के पास खेलने लायक 11 खिलाड़ी मौजूद हैं।
सूर्यकुमार ने कहा कि 15 सदस्यीय टीम का चयन काफी सोच-विचार के बाद किया जाता है और हर्षित राणा को भी इसी प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया था। अगर वह आगे उपलब्ध नहीं रहते हैं तो यह टीम के लिए बड़ा नुकसान होगा। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि टीम के पास विभिन्न संयोजन मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर रणनीति में बदलाव किया जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में हर्षित राणा ने केवल एक ओवर गेंदबाजी की थी, जिसमें उन्होंने 16 रन लुटाए। इसके बाद घुटने में दर्द के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। चोट के बाद से उनकी रिकवरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में राणा का रिकॉर्ड भले ही उन्हें प्लेइंग इलेवन का पक्का सदस्य न बनाता हो, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में वह उपयोगी साबित हो सकते थे। नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनका इकॉनमी रेट 10.60 रहा है। इसके अलावा, निचले क्रम में वह उपयोगी बल्लेबाज भी माने जाते हैं, जो टीम को अतिरिक्त विकल्प प्रदान करते हैं।
अगर हर्षित राणा टूर्नामेंट से बाहर होते हैं, तो उनकी जगह अनुभवी तेज गेंदबाजों में प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज विकल्प के रूप में सामने आ सकते हैं। दोनों गेंदबाजों के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है और वे दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
इस बीच, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की उपलब्धता भी संदेह के घेरे में है। उन्हें साइड स्ट्रेन और पसली की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या है, जिससे टीम प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि टीम प्रबंधन पिछले एक-दो साल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाजों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बल्लेबाजी क्षमता के आधार पर किसी गेंदबाज का चयन नहीं किया जाएगा। टीम का लक्ष्य संतुलित संयोजन चुनना है, जिससे पूरे टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
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