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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता पूरी, जल्द होगा औपचारिक ऐलान

भारत-ईयू एफटीए वार्ता पूरी हो गई है। यह समझौता व्यापार, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देगा और ऑटो सेक्टर खोलेगा।

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर चल रही वार्ताएं पूरी हो गई हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस समझौते की औपचारिक घोषणा मंगलवार को की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह करार संतुलित, भविष्य उन्मुख और भारत-ईयू के बीच बेहतर आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने वाला होगा।

राजेश अग्रवाल के अनुसार, इस एफटीए से दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। हालांकि, समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर कानूनी जांच (लीगल स्क्रबिंग) के बाद किए जाएंगे।

भारत-ईयू एफटीए को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह समझौता अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करेगा और भारत के वस्त्र, आभूषण जैसे निर्यात क्षेत्रों को नया प्रोत्साहन देगा।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस करार से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार यूरोपीय कार निर्माताओं—जैसे वोक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू—के लिए काफी हद तक खुल जाएगा। वर्तमान में 110% तक के भारी शुल्क को घटाकर लगभग 40% किया जा सकता है। ऑटो सेक्टर भारत की सबसे संरक्षित अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता है, जहां जापान की सुजुकी मोटर और घरेलू कंपनियां महिंद्रा तथा टाटा का दबदबा है।

वर्तमान में भारत के 44 लाख यूनिट वार्षिक कार बाजार में ईयू की हिस्सेदारी मात्र 4% है। वहीं, भारत के कुल निर्यात में ईयू का योगदान करीब 17% है, जबकि ईयू के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 9% है।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-ईयू के बीच वस्तु व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जबकि सेवाओं का व्यापार 83.10 अरब डॉलर तक पहुंचा। इससे स्पष्ट है कि यह एफटीए दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम साबित हो सकता है।

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