अमेरिका के नए टैरिफ पर भारत की नजर, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अमेरिका के नए टैरिफ निर्णय पर संज्ञान लिया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी है।
भारत ने अमेरिका द्वारा घोषित नए आयात शुल्क (टैरिफ) उपायों पर संज्ञान लिया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द अंतिम रूप देने के उद्देश्य से वार्ता लगातार जारी है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिका की ओर से घोषित नवीनतम टैरिफ ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत लागू की गई प्रवर्तन कार्रवाई है। यह कदम अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के टैरिफ से जुड़े एक फैसले के बाद उठाया गया है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस घोषणा पर ध्यान दिया है और इस विषय पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न करने के उद्देश्य से दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
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यह बयान उस समय आया जब संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत 60 अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले आयात पर संशोधित टैरिफ दरों की घोषणा की। नई दरें 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक निर्धारित की गई हैं और 24\07\2026 से प्रभावी हो गई हैं।
संशोधित व्यवस्था के तहत भारत को 10 प्रतिशत टैरिफ श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में भारत के अलावा यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, इंडोनेशिया, मेक्सिको और बांग्लादेश सहित कुल 17 अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक अनुमान था कि भारत को 12.5 प्रतिशत टैरिफ श्रेणी में रखा जा सकता है। हालांकि, श्रम संबंधी मुद्दों पर अमेरिका के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संवाद के बाद भारत को कम यानी 10 प्रतिशत टैरिफ श्रेणी में स्थान मिला।
यूएसटीआर के अनुसार, 10 प्रतिशत टैरिफ उन अर्थव्यवस्थाओं पर लागू किया गया है जिन्होंने जबरन श्रम से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने संबंधी प्रावधान अपनाए हैं या ऐसे उपायों के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। यह निर्णय मार्च में शुरू की गई व्यापक जांच, विभिन्न सरकारों से परामर्श, सार्वजनिक सुनवाई और 1,600 से अधिक लिखित प्रस्तुतियों की समीक्षा के बाद लिया गया।
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