भारत ने पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, रोमांचक फाइनल में चीन को हराया
भारत ने पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी फाइनल में चीन को 238-237 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम ने शानदार प्रदर्शन किया।
भारत ने एशियाई खेल 2026 में पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को बेहद रोमांचक मुकाबले में 238-237 के अंतर से हराया। साहिल जाधव, कुशल दलाल और थिरुमुरु गणेश मणि रत्नम की भारतीय तिकड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाने लगाए और देश को प्रतियोगिता का 10वां स्वर्ण पदक दिलाया।
कंपाउंड तीरंदाजी में भारत का दबदबा पूरे टूर्नामेंट के दौरान देखने को मिला है। पुरुष टीम के स्वर्ण से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने महिला और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में भी स्वर्ण पदक हासिल किए। इससे एशियाई खेलों में भारत के मजबूत प्रदर्शन की पुष्टि हुई है।
इससे पहले बुधवार को महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने भी चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। प्रीतिका प्रदीप, ज्योति सुरेखा वेन्नम और चिकिता तनीपर्थी की टीम ने स्वर्ण पदक मुकाबले में चीन को 238-234 से मात दी। इसके बाद मिश्रित कंपाउंड तीरंदाजी फाइनल में साहिल जाधव और चिकिता तनीपर्थी की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
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एशियाई खेलों की शुरुआत में भारतीय दल का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं रहा था। पिछले संस्करण में 107 पदक जीतने के बाद इस बार भी भारत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की और पदकों की रफ्तार बढ़ा दी।
पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी में जीत के बाद भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब 10 स्वर्ण, 21 रजत और 28 कांस्य सहित कुल 59 पदक हैं। स्क्वैश में पुरुष टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद एक और पदक पक्का हो चुका है। प्रतियोगिता के अंतिम दिनों में भारतीय दल की पदक संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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