होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला, ईरान ने शिपिंग पर बढ़ाई निगरानी; इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष से शांति वार्ता पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल गया है, लेकिन ईरान ने शिपिंग पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष से क्षेत्रीय शांति वार्ता पर संकट गहराता दिख रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खोल दिया गया है। यह मार्ग कई महीनों की भारी बाधा के बाद दोबारा चालू हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह जलमार्ग फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। हाल ही में हुए संघर्ष और तनाव के कारण यहां से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा कीमतों पर गंभीर असर पड़ा था।
हालांकि मार्ग खुलने के बावजूद ईरान ने शिपिंग पर अधिक नियंत्रण के संकेत दिए हैं। ईरान द्वारा गठित नई संस्था “पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी” ने शुक्रवार को आदेश जारी कर कहा कि इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को पंजीकरण कराना होगा। अभी किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, लेकिन इस कदम से संकेत मिलता है कि भविष्य में ईरान ट्रांजिट फीस या नए नियम लागू कर सकता है।
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इस बीच, सामान्य रूप से रोज़ाना लगभग 138 जहाज इस जलमार्ग से गुजरते थे, लेकिन संघर्ष के दौरान यह संख्या काफी घटकर लगभग शून्य तक पहुंच गई थी।
दूसरी ओर, इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच लेबनान में बढ़ती हिंसा ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को भी प्रभावित किया है। संघर्ष तेज होने के कारण प्रस्तावित बातचीत स्थगित कर दी गई है। इस संघर्ष में कई लोगों की मौत भी हुई है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इज़रायल-हिज़्बुल्लाह तनाव कम नहीं होता, तब तक व्यापक शांति समझौते की राह कठिन बनी रहेगी।
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