ईरान पर इज़राइल-अमेरिका का हमला : 40 की मौत, खामेनेई को निशाना, अबू धाबी में BAPS हिंदू मंदिर बंद
इज़राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, जिसमें 40 लोग मारे गए। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को निशाना बनाया गया, और अबू धाबी में BAPS हिंदू मंदिर बंद कर दिया गया।
इज़राइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर बड़े हमले किए, जिसमें 40 लोग मारे गए और 30 से अधिक महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमले में ईरान के क़ोम और इस्फ़हान स्थित सैन्य स्थल, ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पारचिन सैन्य परिसर और ईरान एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के दफ्तरों को भी निशाना बनाया गया। विस्फोट की आवाज तेहरान के केंद्र में भी सुनी गई, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
ईरान के राज्य टेलीविजन ने विस्फोट की पुष्टि की, लेकिन अधिक जानकारी देने से इनकार किया और किसी भी हताहत की संख्या का खुलासा नहीं किया। ईरान की सरकार ने इस हमले के बाद तुरंत कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है।
इज़राइल ने इसे एक 'प्रारंभिक हमला' बताया और इसे ईरान के खतरनाक परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के खिलाफ एक रणनीतिक कदम बताया। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम ईरान के ख़िलाफ़ लंबे समय से चली आ रही शत्रुता को समाप्त करने के लिए लिया गया है।
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हमले के बाद, अबू धाबी में स्थित BAPS हिंदू मंदिर को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया। यूएई सरकार ने मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी है और इसे अस्थायी रूप से बंद किया है।
इस हमले के बाद, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिति को और जटिल बना सकता है।