अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच जापान जारी करेगा रणनीतिक तेल भंडार, ऐसा करने वाला पहला जी-7 देश
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जापान ने अपने रणनीतिक तेल भंडार जारी करने का फैसला किया। भारत ने फिलहाल ऐसा करने से इनकार किया है।
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच जापान की प्रधानमंत्री सानेए ताकाइची ने बुधवार को घोषणा की कि देश 16 मार्च से अपने रणनीतिक तेल भंडार का एक हिस्सा जारी करेगा। इसके साथ ही जापान ऐसा कदम उठाने वाला जी-7 समूह का पहला देश बन गया है।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और तेल आपूर्ति में संभावित कमी को रोकने के लिए लिया गया है। बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 90.11 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी मानक कच्चे तेल की कीमत 3.2 प्रतिशत बढ़कर 86.08 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।
यह फैसला प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता देशों के बीच हुई चर्चा के बाद लिया गया, जिसमें तेल आपूर्ति में संभावित संकट और कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कदमों पर विचार किया गया था।
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इस बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के उस प्रस्ताव में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसमें सदस्य देशों से तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक भंडार जारी करने की अपील की गई थी।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। देश के पास लगभग 5.33 मिलियन टन का भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार है, हालांकि यह अभी लगभग 80 प्रतिशत ही भरा हुआ है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत फिलहाल अपने रणनीतिक भंडार जारी करने की योजना नहीं बना रहा है। हालांकि 2021 में भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रयास के तहत अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से लगभग 50 लाख बैरल तेल जारी किया था।
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