कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत, 7 में से 5 सीटें जीतीं; भाजपा को 2 सीटें
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 7 में से 5 सीटें जीतकर बहुमत मजबूत किया। भाजपा को 2 सीटें मिलीं, जबकि जेडीएस को बड़ा झटका लगा।
कर्नाटक में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात में से पांच सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो सीटों से संतोष करना पड़ा। यह चुनाव 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले सात एमएलसी सीटों को भरने के लिए आयोजित किया गया था।
कांग्रेस के उम्मीदवार बी.के. हरिप्रसाद, ठिप्पण्णप्पा कामकानूर, पी.वी. मोहन, शिवन्ना बी.एस. (मलवल्ली) और विनय कार्तिक प्रकाश विजयी रहे। भाजपा के उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु आर ने भी जीत दर्ज की। वहीं जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडी(एस) के उम्मीदवार गोविंदराजु को हार का सामना करना पड़ा।
इस जीत के बाद कांग्रेस ने कर्नाटक विधान परिषद में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब 75 सदस्यीय उच्च सदन में कांग्रेस के 39 सदस्य हो गए हैं, जबकि भाजपा के 29 और जेडी(एस) के 6 सदस्य हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय सदस्य भी सदन का हिस्सा है।
जेडी(एस) के लिए यह चुनाव बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी अपने एकमात्र उम्मीदवार को भी जीत नहीं दिला सकी। वहीं कांग्रेस ने निर्दलीय और अन्य समर्थन प्राप्त विधायकों की मदद से रणनीतिक बढ़त हासिल की।
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास 134 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 62 और जेडी(एस) के 18 विधायक हैं। शेष सीटों में अन्य दलों और निर्दलीयों का प्रतिनिधित्व है। प्रत्येक विजेता उम्मीदवार को जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता थी।
मतदान प्रक्रिया बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चली, जिसमें सभी 222 मतदाताओं ने अपने वोट डाले और 100 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इस चुनाव को कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा था, जिसमें कांग्रेस ने मजबूत प्रदर्शन कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।
और पढ़ें: भाजपा में कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता: राज्यसभा नामांकन पर बी.वाई. विजयेंद्र का बड़ा बयान