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हेट स्पीच बिल के तहत नोटिस जारी करने पर कर्नाटक पुलिस इंस्पेक्टर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

अभी कानून न बने हेट स्पीच बिल के तहत नोटिस जारी करने पर कर्नाटक पुलिस ने चिक्कमगलुरु के एक इंस्पेक्टर को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की।

कर्नाटक पुलिस ने एक ऐसे इंस्पेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है, जिसने एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता को ऐसे घृणा भाषण कानून के तहत नोटिस जारी कर दिया, जो अभी लागू ही नहीं हुआ है। यह कानून फिलहाल एक विधेयक के रूप में राज्य विधानसभा से पारित हो चुका है, लेकिन राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

यह मामला तब सामने आया जब भाजपा विधायक वी. सुनील कुमार ने इसे कर्नाटक विधानसभा में उठाया। उन्होंने बताया कि चिक्कमगलुरु जिले के तरिकेरे क्षेत्र में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर ने दक्षिणपंथी कार्यकर्ता विकास पुत्तूर को कर्नाटक हेट स्पीच एंड हेट क्राइम्स (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) बिल, 2025 के तहत नोटिस जारी किया। यह नोटिस एक कार्यक्रम से पहले भेजा गया था, जिससे राजनीतिक हलकों में विवाद पैदा हो गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, संबंधित इंस्पेक्टर रामचंद्र एन. को यह गलतफहमी थी कि पिछले वर्ष राज्य विधानसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले चुका है। इसी धारणा के आधार पर उन्होंने नोटिस जारी कर दिया। हालांकि, जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों को इस गलती की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया।

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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विधेयक को तब तक कानून नहीं माना जा सकता, जब तक उसे राज्यपाल की स्वीकृति न मिल जाए और आधिकारिक रूप से अधिसूचित न कर दिया जाए। इस मामले को प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

यह घटना राज्य में कानून के शासन, पुलिस की जिम्मेदारियों और विधायी प्रक्रिया की समझ को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विपक्ष ने इस कार्रवाई को सही ठहराया है, जबकि सत्तापक्ष पर कानून के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

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