ईरान-यूएस-इजराइल विवाद से मुंबई में LPG की कमी, स्कूलों में दोपहर के भोजन के बजाय केले वितरित
LPG की कमी के कारण मुंबई के स्कूलों में मध्याह्न भोजन बाधित, छात्रों को केले दिए जा रहे हैं। कांग्रेस ने राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ईरान और यूएस-इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण मुंबई में स्कूलों के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम पर असर पड़ा है। एलपीजी (रसोई गैस) की गंभीर कमी के चलते कई स्कूलों ने पके हुए भोजन की जगह विद्यार्थियों को केले वितरित किए। यह स्थिति प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण) के तहत प्रदान किए जाने वाले भोजन में विघ्न डाल रही है।
मध्याह्न भोजन में दाल, चावल, सब्ज़ियाँ और कभी-कभी फल भी शामिल होते हैं। एलपीजी की कमी से लगभग 5.4 लाख छात्र प्रतिदिन पोषण से वंचित होने के जोखिम में हैं। मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति के सचिव विजय कुमार कानोजिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर “तत्काल कार्रवाई” करने का आग्रह किया।
कानोजिया ने पत्र में लिखा, "यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो मध्याह्न भोजन की आपूर्ति बाधित हो सकती है और लाखों बच्चों को उनके संविधानिक अधिकार भोजन का अधिकार, जो अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का हिस्सा है, से वंचित होना पड़ सकता है।" उन्होंने बताया कि सिलेंडरों की अपर्याप्त आपूर्ति पूरे प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
कानोजिया ने राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए कहा कि "इस मामले में आपकी शीघ्र कार्रवाई लाखों बच्चों के संविधानिक अधिकार, पोषण और कल्याण की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।"
मध्याह्न भोजन योजना, पीएम पोषण योजना का हिस्सा है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। यह योजना पोषण सुधारने और छात्रों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जाती है। योजना के अंतर्गत प्राथमिक (450+ कैलोरी) और उच्च प्राथमिक (700+ कैलोरी) छात्रों को पौष्टिक भोजन मुफ्त प्रदान किया जाता है।
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