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टीएमसी में बगावत के बीच ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, बोलीं- तुम्हारा अंत देखने तक जिंदा रहूंगी

टीएमसी में जारी बगावत के बीच ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने पार्टी को फिर खड़ा करने का भरोसा जताया और कार्यकर्ताओं के साथ संघर्ष जारी रखने की बात कही।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी में चल रही बगावत के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि वह तब तक जिंदा रहेंगी, जब तक बीजेपी का अंत नहीं देख लेतीं।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम वाले दिन बीजेपी समर्थकों ने उनके निधन की कामना की थी। उन्होंने कहा, “चुनाव परिणाम के दिन बीजेपी के कुछ लोगों ने मेरे हार्ट अटैक से मरने की कामना की थी। मैं तुम्हारा अंत देखने तक जिंदा रहूंगी।”

टीएमसी प्रमुख ने अपनी उम्र को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी को उम्र के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए संघर्ष करती रहेंगी।

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ममता बनर्जी ने पार्टी में नए सदस्यों के जुड़ने का दावा करते हुए कहा कि उनके पास अभी भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हैं और कई नए लोग भी संगठन से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने पार्टी को दोबारा मजबूत करने का भरोसा जताते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने 2006 में संगठन को खड़ा किया था, उसी तरह 2026 में भी पार्टी को फिर से मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज टीएमसी के पास 18 सांसद हैं और कुछ नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।

अभिषेक बनर्जी के समर्थन में उतरीं ममता

टीएमसी में चल रही अंदरूनी कलह के बीच ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन उन्होंने कभी राजनीतिक संघर्ष से पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना।

ममता ने कहा कि अभिषेक के परिवार के लोगों को भी जांच एजेंसियों ने बुलाया था, लेकिन उन्होंने संघर्ष का मैदान नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि अभिषेक “बाघ की तरह लड़ रहे हैं।”

ममता का यह बयान उस समय आया है जब टीएमसी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद गंभीर संगठनात्मक संकट से गुजर रही है। पार्टी में दो अलग-अलग गुट सक्रिय हो गए हैं, जिनमें एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, जबकि दूसरा गुट विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में सामने आया है।

इससे पहले वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा ने ममता गुट छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी में अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से असंतोष बढ़ रहा है। मदन मित्रा ने कहा था कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी को छह महीने के लिए अलग होने की मांग नहीं माने जाने के बाद यह फैसला लिया।

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