इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने दिल्ली रवाना हुईं ममता बनर्जी, जानिए क्यों अहम है यह मंथन
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक विपक्षी एकजुटता, भाजपा की बढ़ती ताकत, सहयोगी दलों के मतभेद और आगामी चुनावों की रणनीति तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को नई दिल्ली में 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गईं। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता डोला सेन और कल्याण बनर्जी भी कोलकाता हवाई अड्डे तक पहुंचे। कांग्रेस के अनुसार, इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी गठबंधन कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हाल के विधानसभा चुनावों में कई सहयोगी दलों को झटके लगे हैं और गठबंधन के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। ऐसे में दिल्ली में होने वाली चर्चा विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
यह बैठक विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मजबूत प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें भी सामने आईं, जिससे ममता बनर्जी के लिए यह बैठक और महत्वपूर्ण हो गई है।
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दूसरी ओर, गठबंधन के भीतर मतभेद भी बढ़े हैं। द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) ने बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है। पार्टी ने तमिलनाडु चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) को समर्थन दिए जाने पर नाराजगी जताई है। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) ने भी केरल चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं की कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। हालांकि, पार्टी ने राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को बैठक में भेजने का निर्णय लिया है।
बैठक में भाजपा के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीति, विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय, नेतृत्व संरचना को मजबूत करने और 2029 के लोकसभा चुनाव सहित आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी पर चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक विपक्षी एकता की नई परीक्षा साबित हो सकती है।
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