महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर नेताओं से की अपील, केंद्र से लद्दाख जैसी संयुक्त बातचीत की मांग
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर नेताओं से एकजुट होकर केंद्र सरकार से बातचीत की अपील की है, ताकि लद्दाख मॉडल की तरह स्थायी और रचनात्मक संवाद शुरू किया जा सके।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार (2 जून 2026) को क्षेत्रीय नेताओं को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से “लद्दाख जैसी संयुक्त पहल” करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एकजुट होकर बातचीत की जानी चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ सतत संवाद शुरू हो सके।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हाल ही में लद्दाख के लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) द्वारा केंद्र सरकार के साथ की गई बातचीत से यह स्पष्ट हुआ है कि केवल संवाद के माध्यम से ही सार्थक समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, तो केंद्र सरकार के साथ रचनात्मक और निरंतर बातचीत बेहद जरूरी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित अन्य क्षेत्रीय नेताओं से आग्रह किया कि वे अपने मतभेदों और अलग-अलग विचारों को फिलहाल पीछे रखकर “सामूहिक हित और जनकल्याण” के लिए एकजुट हों। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि समय आ गया है कि सभी नेता मिलकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात करें और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर स्थायी संवाद की प्रक्रिया शुरू करने के लिए दबाव बनाएं।
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पीडीपी प्रमुख ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की मौजूदा परिस्थितियों में राजनीतिक एकजुटता बेहद आवश्यक है, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा सके।
उनके इस पत्र को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो केंद्र और जम्मू-कश्मीर के बीच बातचीत की नई संभावनाओं को जन्म दे सकता है।
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