मानसून सत्र का दूसरा दिन: एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहुंचे पीएम मोदी, संसद में फिर हंगामे के आसार
मानसून सत्र के दूसरे दिन संसद में फिर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष रणनीति बनाएगा, जबकि सरकार आठ विधेयकों को पारित कराने और सदन सुचारु चलाने की अपील कर रही है।
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे। वहीं, विपक्ष भी सदन में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में सुबह 10 बजे विपक्षी दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक बुलाई गई है, जिसमें संसद के दूसरे दिन की रणनीति पर चर्चा होगी।
मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी थी। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, छात्रों की समस्याओं और राम मंदिर दान राशि के कथित गबन के मुद्दे पर सरकार को घेरा। संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए सरकार पर छात्रों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
मंगलवार को भी सदन में तीखी नोकझोंक की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष राम मंदिर दान राशि के कथित घोटाले, नीट पेपर लीक, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन, ई-20 पेट्रोल नीति और पहले अस्वीकृत हो चुके परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है।
और पढ़ें: जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, संसद मार्गों पर दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने विपक्ष से राष्ट्रीय विकास के हित में संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की है। सरकार ने विपक्षी दलों से रचनात्मक बहस में भाग लेने और विचारार्थ सूचीबद्ध आठ महत्वपूर्ण विधेयकों पर सहयोग देने का आग्रह किया है।
इस बार का मानसून सत्र बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच हो रहा है। विपक्षी गठबंधन में हाल के घटनाक्रमों के कारण नई परिस्थितियां बनी हैं। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा और 25 दिनों की अवधि में कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार की कोशिश महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की है, जबकि विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है।
और पढ़ें: जब तक युवाओं और सांसदों के बीच संवाद नहीं होगा, मेरा अनशन जारी रहेगा: सोनम वांगचुक