नासा ने आर्टेमिस-II मिशन की लॉन्च विंडो की घोषणा की, 53 साल बाद चंद्रमा की ओर मानव की ऐतिहासिक वापसी
नासा ने आर्टेमिस-II की लॉन्च विंडो घोषित की। चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे, जिससे भविष्य में चंद्र लैंडिंग और मंगल मिशन का मार्ग प्रशस्त होगा।
नासा ने आधिकारिक तौर पर आर्टेमिस-II मिशन के लिए लॉन्च विंडो की घोषणा कर दी है, जो मानवता की 53 वर्षों बाद चंद्रमा की ओर वापसी का संकेत है। इस ऐतिहासिक मिशन की तैयारी के तहत नासा अपने विशाल मून रॉकेट को लॉन्च पैड तक ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। यह कदम अंतिम उलटी गिनती की शुरुआत माना जा रहा है।
नासा शनिवार, 17 जनवरी को स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को हैंगर से बाहर निकालकर लॉन्च पैड 39B तक ले जाएगा। यह रॉकेट लगभग एक मील प्रति घंटे की धीमी गति से चार मील की दूरी तय करेगा। इस प्रक्रिया को ‘रोलआउट’ कहा जाता है, जो किसी भी अंतरिक्ष मिशन की तैयारी में एक बड़ा और अहम चरण होता है। नासा का लक्ष्य इस मिशन को 6 फरवरी 2026 से पहले लॉन्च करने का है, हालांकि अंतिम तारीख मौसम और तकनीकी जांच पर निर्भर करेगी।
क्रू से
आर्टेमिस-II मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री 10 दिनों की यात्रा पर चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरेंगे। इस दल में शामिल हैं—
- रीड वाइसमैन (कमांडर)
- विक्टर ग्लोवर (पायलट)
- क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट)
- जेरेमी हैनसन (मिशन स्पेशलिस्ट, कनाडाई स्पेस एजेंसी)
यह मिशन एक तरह का “टेस्ट ड्राइव” है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ओरियन अंतरिक्ष यान की जीवन-समर्थन प्रणाली गहरे अंतरिक्ष में मनुष्यों को सुरक्षित रख सकती है या नहीं।
यदि आर्टेमिस-II मिशन सफल रहता है, तो यह भविष्य के उन मिशनों का रास्ता खोलेगा जिनमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे और आगे चलकर मंगल ग्रह की मानव यात्राओं की तैयारी करेंगे।
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