पांच दिन के अभियान के बाद ONGC ने आंध्र प्रदेश में गैस कुएं की आग पर पाया काबू
आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में ONGC के मोरी-5 गैस कुएं में लगी आग को पांच दिन की कड़ी मशक्कत के बाद बुझा दिया गया, हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनसीमा जिले में ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन) के स्वामित्व वाले गैस कुएं में लगी आग पर आखिरकार काबू पा लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह (10 जनवरी 2026) मोरी गांव में स्थित गैस कुआं मोरी-5 में गैस ब्लोआउट के कारण लगी आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। इसके साथ ही तकनीकी टीमों ने कुएं को सफलतापूर्वक कैप भी कर दिया।
कोनसीमा जिला संयुक्त कलेक्टर टी. निसांति ने बताया कि ब्लोआउट पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और आग को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह ही स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया। आग बुझाने के बाद अब कुएं को सील करने और मडिंग जैसी तकनीकी प्रक्रियाएं की जा रही हैं।
यह भीषण हादसा 5 जनवरी को हुआ था, जब मोरी और इरुसुमंडा गांवों के पास स्थित ओएनजीसी के गैस कुएं से अचानक गैस रिसाव हुआ और इसके बाद करीब 20 मीटर ऊंची तथा 25 मीटर चौड़ी आग की लपटें उठने लगीं। यह गैस कुआं हरे-भरे और सिंचित कोनसीमा जिले में स्थित है, जिसे ओएनजीसी की प्रोडक्शन एनहांसमेंट कॉन्ट्रैक्टर (PEC) कंपनी डीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड संचालित कर रही थी।
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घटना के बाद ओएनजीसी के वरिष्ठ प्रबंधन ने सीधे तौर पर संचालन की कमान संभाली। ओएनजीसी की संकट प्रबंधन टीम (CMT) ने लगातार करीब पांच दिनों तक कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए आग बुझाने में सफलता हासिल की। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।
ओएनजीसी ने बताया कि यह ऑपरेशन वैश्विक स्तर पर ब्लोआउट नियंत्रण के मामलों में बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। कंपनी ने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण हालात में कुएं को बुझाना और कैप करना उसकी तकनीकी दक्षता, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और टीमवर्क का प्रतीक है।
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