ख़ामेनेई की मौत के बाद कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला, प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी खिड़कियां
आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत के बाद कराची में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला कर खिड़कियां तोड़ दीं और अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ नारे लगाए।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। गुस्साए प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर एकत्र होकर अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने दूतावास परिसर की खिड़कियां तोड़ दीं और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि ईरान पर हुए अमेरिकी-इज़राइली सैन्य हमलों के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन हमलों में आयतुल्ला अली ख़ामेनेई सहित कई शीर्ष ईरानी अधिकारियों की मौत हुई, जिसे वे अन्यायपूर्ण और आक्रामक कार्रवाई मानते हैं।
घटना के बाद कराची पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और दूतावास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
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पाकिस्तान में विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने भी ईरान के समर्थन में प्रदर्शन किए हैं। कई स्थानों पर रैलियां निकालकर अमेरिका और इज़राइल की नीतियों की आलोचना की।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान-इज़राइल संघर्ष का असर अब क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ने लगा है। कराची में अमेरिकी दूतावास पर हमला इस बात का संकेत है कि इस विवाद की गूंज पड़ोसी देशों तक पहुंच चुकी है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
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