संसद में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर गतिरोध, स्पीकर ने सरकार और विपक्ष को शाम 5 बजे तक दिया समाधान का समय
एंटी-पेपर लीक विधेयक पर संसद में गतिरोध जारी है। स्पीकर ने सरकार और विपक्ष को शाम पांच बजे तक सहमति बनाने का समय दिया है।
संसद के मानसून सत्र में एंटी-पेपर लीक विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध अभी भी बना हुआ है। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को विवाद समाप्त करने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए शाम 5 बजे तक का समय दिया है।
सप्ताहांत के बाद सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन के लिए नया विधेयक लोकसभा में पेश किया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा।
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक जैसे अपराधों पर पहले से अधिक कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार की योजना विधेयक को पेश करने के साथ ही उस पर चर्चा कराकर पारित कराने की भी है, हालांकि सामान्य तौर पर किसी विधेयक को पेश और पारित करने की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी नहीं होती।
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दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रामक रुख जारी रखा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक माफी की भी मांग की है।
मानसून सत्र के पहले सप्ताह में भी इसी मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी। विपक्षी दलों ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण दोनों सदनों की अधिकांश कार्यवाही बाधित रही।
अब यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन जाती है तो संसद के दोनों सदनों में एंटी-पेपर लीक विधेयक और नीट परीक्षा विवाद पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इस बहस को छात्रों और देश की परीक्षा प्रणाली के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।