तुर्की शांति प्रक्रिया में कानून जरूरी: जेल में बंद PKK नेता अब्दुल्ला ओजलान
PKK नेता अब्दुल्ला ओजलान ने तुर्की में लोकतांत्रिक एकीकरण के लिए शांति संबंधी कानूनों की मांग की। संसद की पहल के बावजूद शांति प्रक्रिया की प्रगति धीमी बनी हुई है।
तुर्की में जेल में बंद उग्रवादी नेता अब्दुल्ला ओजलान ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक एकीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए शांति से जुड़े कानूनों की आवश्यकता है। उनका यह बयान शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को जारी किया गया, ठीक एक वर्ष बाद जब उन्होंने अपनी पार्टी कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) से दशकों पुराने सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने और संगठन को भंग करने का आह्वान किया था।
ओजलान के उस ऐतिहासिक आह्वान से 40,000 से अधिक लोगों की जान लेने वाले संघर्ष के अंत की उम्मीद जगी थी। यह संघर्ष मुख्य रूप से कुर्द बहुल दक्षिण-पूर्व तुर्की में गहरे विभाजन और विकास में बाधा का कारण बना। हालांकि, शांति प्रक्रिया की प्रगति अब तक धीमी रही है।
ओजलान का ताजा बयान तुर्की संसद की उस रूपरेखा का समर्थन माना जा रहा है, जिसे पिछले सप्ताह संसदीय आयोग ने मंजूरी दी थी। इस रोडमैप में पीकेके के निरस्त्रीकरण के साथ-साथ कानूनी सुधारों की सिफारिश की गई है, हालांकि इसके क्रियान्वयन को लेकर अब भी स्पष्टता नहीं है।
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यह बयान कुर्द समर्थक डेम पार्टी (DEM पार्टी) के एक वरिष्ठ नेता ने दिया। ओजलान ने कहा, “लोकतांत्रिक एकीकरण के लिए शांति के कानून अनिवार्य हैं।” उन्होंने एक ऐसे कानूनी ढांचे की बात की, जिसमें राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक आयाम शामिल हों।
पीकेके ने 1984 में तुर्की राज्य के खिलाफ हथियार उठाए थे। इसे तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
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