प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में भारत को गोल्फ का पहला महिला स्वर्ण
प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में महिला गोल्फ का स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा। उनके प्रदर्शन से भारत ने टीम स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया।
प्रणवी उर्स ने शनिवार को एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया। उन्होंने महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर एशियन गेम्स के गोल्फ इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनने का गौरव हासिल किया। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने महिला टीम स्पर्धा में भी रजत पदक अपने नाम किया।
मैसूर की रहने वाली प्रणवी ने चार दिनों के मुकाबले में 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया। अंतिम दौर में उन्होंने ईवन-पार 70 का स्कोर किया और अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी से एक शॉट आगे रहते हुए स्वर्ण पदक जीता। अंतिम दौर की शुरुआत उनके लिए चुनौतीपूर्ण रही। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण उनकी तीन शॉट की रातोंरात बढ़त खत्म हो गई। हालांकि, प्रणवी ने शानदार वापसी करते हुए तीन बर्डी लगाईं और मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
महिला टीम स्पर्धा में भारत की ओर से प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर ने हिस्सा लिया। भारत ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाकर रजत पदक जीता। अंतिम दौर में अदिति अशोक ने 67 और दीक्षा डागर ने 77 का स्कोर किया। टीम रैंकिंग के लिए दो सर्वश्रेष्ठ स्कोर जोड़े गए। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता।
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प्रणवी का यह स्वर्ण एशियन गेम्स में भारत का गोल्फ में पहला महिला स्वर्ण है। इससे पहले भारत के लिए 2002 में शिव कपूर ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
कौन हैं प्रणवी उर्स?
वर्ष 1998 में बेंगलुरु में जन्मीं प्रणवी ने महज पांच साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। वर्ष 2015 में वह लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। इसके बाद 2016 में उन्होंने पेशेवर गोल्फ में कदम रखा।
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