राम मंदिर में दान गिनने के नए नियम लागू, कथित चोरी मामले के बाद ट्रस्ट ने सख्त किए सुरक्षा प्रबंध
अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी मामले के बाद ट्रस्ट ने दान गिनने के नए नियम लागू किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित दान चोरी विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। नए नियमों का उद्देश्य दान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।
संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब मंदिर में प्राप्त दान की गिनती प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही की जाएगी। इसके अलावा दान की गिनती के दौरान सुरक्षा जांच को और सख्त किया गया है। कर्मचारियों द्वारा दान सामग्री को संभालने और जमा करने की प्रक्रिया के लिए भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। ट्रस्ट ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और हर चरण का बेहतर रिकॉर्ड रखने पर भी जोर दिया है।
इस बीच, कथित दान गबन मामले की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, सोने के आभूषण और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। जांच एजेंसियों ने आरोपियों के बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी मदद से कथित वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
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मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। प्रारंभिक जांच में एसआईटी ने दावा किया है कि पिछले 45 दिनों में कथित रूप से 70 बार चोरी का प्रयास किया गया, जिनमें से कई घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुईं। रिपोर्ट में कर्मचारियों की निगरानी में कथित लापरवाही को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है।
जांच के दायरे में आने के बाद डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट के न्यासी पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अपना पद छोड़ दिया, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि चंपत राय नए प्रबंधन तंत्र का पूरा समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा है।
मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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