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वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार की मिली-जुली शुरुआत, सेंसेक्स मजबूत तो निफ्टी फिसला

वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी गिरा। बाजार विशेषज्ञों ने सीमित दायरे में कारोबार की संभावना जताते हुए निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखने की सलाह दी।

वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। पिछले कारोबारी सत्र में नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) ढांचे के लागू होने से अंतिम घंटों में आई तेजी के बाद आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी ने अलग-अलग रुख दिखाया।

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स लगभग 500 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,132.97 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 24,750 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया और 70.4 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो रियल एस्टेट, सीमेंट, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), एफएमसीजी, ऑटोमोबाइल और बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांकों में शुरुआती कारोबार के दौरान 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर निफ्टी मेटल एकमात्र ऐसा प्रमुख सूचकांक रहा, जिसमें शुरुआती सत्र में बढ़त देखने को मिली।

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बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। उनका कहना है कि निवेशकों का ध्यान वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य और आने वाले व्यापक आर्थिक संकेतकों पर रहेगा। साथ ही शेयर-विशेष गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

विश्लेषकों के अनुसार तकनीकी दृष्टि से निफ्टी के लिए 24,450 से 24,500 का स्तर तत्काल समर्थन माना जा रहा है, जबकि 24,750 से 24,800 का दायरा प्रमुख प्रतिरोध क्षेत्र बना हुआ है। यदि निफ्टी इस प्रतिरोध स्तर को मजबूती से पार कर लेता है तो तेजी का सिलसिला आगे बढ़ सकता है। वहीं समर्थन स्तरों के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी बढ़ने की संभावना जताई गई है।

कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81.28 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दबाव में रहे, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में एसएंडपी 500 और नैस्डैक मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

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