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शांगरी-ला डायलॉग 2026 में रक्षा सचिव की अहम बैठकें, हिंद-प्रशांत सुरक्षा सहयोग पर जोर

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शांगरी-ला डायलॉग 2026 में हिंद-प्रशांत सुरक्षा सहयोग, समुद्री साझेदारी और रक्षा संबंध मजबूत करने के लिए कई देशों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार (29 मई 2026) को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2026 के इतर कई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा साझेदारी को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना और क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ करना रहा।

रक्षा सचिव ने विभिन्न देशों के रक्षा अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

इसके अलावा, राजेश कुमार सिंह ने प्रमुख थिंक टैंक और शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी संवाद किया। इन चर्चाओं में रक्षा औद्योगिक सहयोग, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और नई सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित रक्षा सहयोग भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

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इसी क्रम में, उन्होंने सेशेल्स सशस्त्र बलों के रक्षा प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

बैठक में भारत की ओर से यह दोहराया गया कि वह अपने विश्वसनीय क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने और समुद्री क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति जताई।

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान भारत ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग आवश्यक है।

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