सौरव गांगुली ने यूसुफ पठान और ममता बनर्जी से जुड़े दावे को बताया पूरी तरह झूठा, राजनीतिक हलचल तेज
सौरव गांगुली ने यूसुफ पठान और ममता बनर्जी से जुड़े दावों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक बातचीत या योजना से कोई संबंध नहीं है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली से यह अनुरोध किया गया था कि वे यूसुफ पठान, जो बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं, को मनाकर यह सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए खाली करने के लिए राजी करें।
हालांकि, सौरव गांगुली ने इन सभी आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए दावे “पूरी तरह झूठे” हैं और यह रिपोर्ट “सत्य के प्रति लापरवाह रवैये” के साथ प्रकाशित की गई है।
यह विवाद एक बंगाली दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ममता बनर्जी के लिए संसद में वापसी का रास्ता तलाश रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पार्टी बहरामपुर सीट को संभावित विकल्प के रूप में देख रही थी।
बहरामपुर लोकसभा सीट वर्तमान में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के पास है, जिन्होंने 2024 के चुनाव में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर जीत दर्ज की थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि टीएमसी ने कथित तौर पर गांगुली से संपर्क कर यह संदेश पठान तक पहुंचाने की कोशिश की।
लेकिन गांगुली ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने न तो ममता बनर्जी से कोई बातचीत की और न ही यूसुफ पठान से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि या बातचीत का हिस्सा नहीं हैं।
इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब टीएमसी के भीतर अंदरूनी असंतोष की खबरें भी सामने आ रही हैं।
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