खेल मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता निलंबित की
खेल मंत्रालय ने शासन संबंधी कमियों और समय पर चुनाव नहीं कराने के कारण टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता निलंबित कर दी। आईओए को अंतरिम समिति बनाने को कहा गया।
भारतीय खेल मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीटीएफआई) की मान्यता निलंबित कर दी है। मंत्रालय ने इस कार्रवाई के पीछे “शासन संबंधी कमियों” को प्रमुख कारण बताया है। मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को निर्देश दिया है कि खेल के प्रशासन के लिए एक तदर्थ समिति गठित की जाए।
मंत्रालय के अनुसार, टीटीएफआई समय पर चुनाव कराने में विफल रहा। इससे पहले मंत्रालय ने फेडरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। आदेश में कहा गया है कि आईओए, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) से परामर्श करके उचित आंतरिक नियामक व्यवस्था तैयार करेगा। जब तक टीटीएफआई में विधिवत गठित प्रशासनिक व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक तदर्थ समिति खेल का संचालन करेगी।
टीटीएफआई की अध्यक्ष मेघना अहलावत हैं। वह संगठन की पहली महिला अध्यक्ष हैं और दिसंबर 2022 में इस पद पर नियुक्त हुई थीं। वह हरियाणा के विधायक दुष्यंत चौटाला की पत्नी हैं। दुष्यंत चौटाला, टीटीएफआई के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला के बेटे हैं।
विवादों में रहा टीटीएफआई
पिछले कुछ समय से टीटीएफआई कई विवादों से घिरा रहा है। जनवरी में फेडरेशन ने अपने महासचिव और पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया था। मेहता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। अदालत ने बाद में उनका निलंबन रद्द कर दिया।
फेडरेशन ने हालांकि दावा किया था कि यह कार्रवाई पारदर्शिता, सामूहिक निर्णय प्रक्रिया और भारतीय टेबल टेनिस के दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए की गई थी।
मनिका बत्रा के चयन पर भी विवाद
हाल ही में भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा के एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन नहीं होने को लेकर भी विवाद हुआ था। मनिका ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे अस्पष्ट और अनुचित बताया था तथा खेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।
इसके बाद मंत्रालय ने टीटीएफआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, फेडरेशन का जवाब पर्याप्त नहीं था। मंत्रालय ने खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा में विफलता और 2025 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप कराने में हुई देरी को भी गंभीर मुद्दा माना।
टीटीएफआई में इस साल चुनाव होने प्रस्तावित हैं, लेकिन चुनाव प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसे लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
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