ऑस्ट्रेलियन ओपन से बाहर होने के बाद बोले स्टैन वावरिंका: यह साल सिर्फ विदाई के लिए नहीं, मैं अब भी प्रतिस्पर्धी हूं
ऑस्ट्रेलियन ओपन से बाहर होने के बाद स्टैन वावरिंका ने कहा कि यह उनका आखिरी साल जरूर है, लेकिन वे सिर्फ विदाई नहीं, प्रतिस्पर्धा के लिए खेल रहे हैं।
तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और पूर्व विश्व नंबर तीन स्टैन वावरिंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे दौर में हार के बाद भावुक लेकिन आत्मविश्वास से भरा बयान दिया। शनिवार को जॉन केन एरीना में खेले गए मुकाबले में वावरिंका को अमेरिकी खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज के खिलाफ 7-6(5), 2-6, 6-4, 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही 2014 के ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन का इस टूर्नामेंट में आखिरी सफर समाप्त हो गया।
इससे एक दिन पहले ही वावरिंका ने इतिहास रचते हुए 1978 में केन रोज़वॉल के बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे दौर में पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। 39 वर्षीय स्विस खिलाड़ी यह पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2026 उनका पेशेवर करियर का आखिरी साल है।
मैच के बाद वावरिंका ने टूर्नामेंट निदेशक क्रेग टाइली के साथ कुछ समय बिताया और दर्शकों से भावुक शब्दों में बातचीत की। पोस्ट-मैच में उन्होंने कहा, “मेरी मानसिकता बिल्कुल साफ है। मैं यह साल सिर्फ टूर्नामेंटों को अलविदा कहने के लिए नहीं खेल रहा हूं। यह मेरा आखिरी साल है, लेकिन मैं अब भी एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी हूं और खुद को लगातार आगे बढ़ाना चाहता हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि वह जीतने की भूख और खेल का आनंद लेने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। “मैं जीतना चाहता हूं, लेकिन साथ ही प्रशंसकों, माहौल और इन पलों का भी आनंद लेना चाहता हूं। यहां मुझे जितना समर्थन मिला, वह मेरी उम्मीदों से कहीं ज्यादा था। हर मैच मेरे लिए बेहद खास रहा और मैं इसके लिए आभारी हूं”।
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