बांग्लादेश चुनावों के बाद बंगाल सीमा सुरक्षा पर सुवेंदु अधिकारी ने जताई चिंता
सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल सीमा सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने बीएसएफ को सहयोग, शीघ्र बाड़बंदी और घुसपैठ पर सख्ती की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश में हालिया चुनावों के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। रविवार, 15 फरवरी 2026 को उन्होंने कहा कि ढाका में राजनीतिक बदलाव के बाद सीमा पार “गंभीर राजनीतिक ध्रुवीकरण” उभरा है, जिसके मद्देनजर सतर्कता और मजबूत सीमा ढांचे की आवश्यकता है।
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बांग्लादेश के 2026 के चुनावों में जमात-ए-इस्लामी को सतखीरा से रंगपुर तक 68 सीटों पर जीत मिली है। ये जिले पश्चिम बंगाल से सटी संवेदनशील सीमाओं के सामने स्थित हैं। उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाली रणनीतिक जीवनरेखा है और इस क्षेत्र में किसी भी वैचारिक सुदृढ़ीकरण से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़बंदी के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण में पूरा सहयोग नहीं दिया है। उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस निर्देश का भी उल्लेख किया, जिसमें राज्य सरकार को बाड़बंदी के लिए जरूरी जमीन सौंपने को कहा गया था और प्रशासनिक देरी को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में अस्वीकार्य बताया गया था।
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सुवेंदु अधिकारी ने इसे “बदला हुआ भू-राजनीतिक परिदृश्य” बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में बीएसएफ के साथ पूर्ण सहयोग, संवेदनशील क्षेत्रों में तय समयसीमा में बाड़बंदी पूरी करना और घुसपैठ के प्रति शून्य-सहनशीलता नीति अपनाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की “डबल इंजन” सरकार ही प्रभावी सीमा सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
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