उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई वरिष्ठ अफसरों को मिली अहम जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए। कई वरिष्ठ अधिकारियों को चिकित्सा शिक्षा, श्रम, संस्कृति और बाल विकास विभागों में नई जिम्मेदारियां मिलीं।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 20 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। देर रात जारी आदेश के बाद राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इन तबादलों में चिकित्सा शिक्षा, श्रम, संस्कृति और बाल विकास जैसे अहम विभाग शामिल हैं।
राजस्व विभाग में सचिव के पद पर तैनात शुभा वर्मा को अब उत्तर प्रदेश का नया श्रम आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. सारिका मोहन, जो चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक और सचिव के पद पर कार्यरत थीं, उन्हें अब महानिदेशक, पंजीकरण उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, नेहा शर्मा, जो महानिदेशक पंजीकरण के पद पर थीं, को अब चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक नियुक्त किया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई है।
अरुण कुमार, जो भूगर्भ एवं खनन विभाग में अपर निदेशक के पद पर तैनात थे, को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का मिशन निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा जे रीमा को भूगर्भ एवं खनन विभाग में विशेष सचिव के पद पर रहते हुए अपर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक रहीं दीपा रंजन को अब संस्कृति विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
संजय कुमार सिंह-I को संस्कृति विभाग के विशेष सचिव पद से मुक्त कर उन्हें धर्मार्थ कार्य विभाग के निदेशक पद पर बनाए रखा गया है। इसके साथ ही उन्हें संस्कृति निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
रिया केजरीवाल, जो मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, लखनऊ की प्रबंध निदेशक थीं, को बाल विकास एवं पोषण विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
वहीं, संदीप भागिया, जो गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद-II में राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त थे, को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, आईएएस अधिकारियों के तबादले सरकार की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। इसका उद्देश्य विभागों में बेहतर समन्वय, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना होता है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह फेरबदल आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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