विजयनगरम में वाईएसआरसीपी कार्यालय निर्माण पर विवाद, गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू ने उठाए सवाल
विजयनगरम में वाईएसआरसीपी कार्यालय निर्माण पर गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू ने रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप लगाया। उन्होंने परिवार की जमीन को सरकारी भूमि दिखाने पर आपत्ति जताई।
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के दसन्नापेटा में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नए कार्यालय के निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू ने कड़ा विरोध जताया है।
राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों ने भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर कर उनकी परिवार की संपत्ति को सरकारी भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
यह जमीन लगभग चार एकड़ 75 सेंट क्षेत्र में फैली हुई है और विजयनगरम के रिंग रोड के प्रमुख क्षेत्र में स्थित है, जिसे अत्यंत मूल्यवान भूमि माना जाता है। इस भूमि को 18 मई 2022 को तत्कालीन वाईएसआरसीपी सरकार द्वारा वाईएसआरसीपी कार्यालय के लिए लीज़ पर आवंटित किया गया था, क्योंकि इसे उस समय सरकारी संपत्ति के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
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इस आवंटन के बाद अब इस जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। राज्यपाल का दावा है कि यह भूमि उनके परिवार से संबंधित है और इसे गलत तरीके से सरकारी संपत्ति दिखाकर पार्टी को आवंटित किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में दस्तावेजों में हेरफेर किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि भूमि आवंटन पूरी तरह नियमों के तहत किया गया था और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है। राजनीतिक स्तर पर यह मामला अब गरमा गया है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं।
इस विवाद ने क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद इस भूमि विवाद में क्या तथ्य सामने आते हैं और किसका दावा सही साबित होता है।
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