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भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी देनदारी: राहुल गांधी के गले मिलने वाले बयान पर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए ‘गले मिलने’ की राजनीति पर तंज कसा। बीजेपी ने उन्हें भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी देनदारी बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें भारतीय राजनीति की “सबसे बड़ी देनदारी” बताया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि यह भारत के लिए दुर्भाग्य की बात है कि रायबरेली से लोकसभा सांसद राहुल गांधी सदन में नेता प्रतिपक्ष हैं। बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने भी राहुल गांधी के बयान को “असंस्कारी, गरिमाहीन और असभ्य राजनीति” करार दिया।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की “सबसे बड़ी देनदारी” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद की गरिमा को कम किया है।

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केसवन ने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि वह विदेश नीति पर चर्चा करना चाहते हैं तो उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 17 वर्षों के कार्यकाल से शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से नेहरू के पत्रों से जुड़े 51 कार्टन वापस करने का भी सवाल उठाया।

वहीं, कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव किया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने केवल प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों के दौरान दूसरे नेताओं से उनके संवाद और व्यवहार पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि क्या लोग ऑपरेशन सिंदूर को भूल गए हैं।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

दिल्ली में गुरुवार को आयोजित रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह नेताओं को गले लगाने तक सीमित दिखाई देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारत को समझने में विफल रहे हैं।

कार्यक्रम में उन्होंने विदेश नीति को समझाने के लिए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसके बाद दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि कहीं उन्होंने उन्हें जॉर्जिया मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ लिया था।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाए रखेगी और जब तक प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा नहीं देते, तब तक उन्हें “सोने नहीं देगी”।

उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार लोगों पर ऐसा “व्यवस्था” थोपना चाहती है, जिससे बीजेपी और आरएसएस तथा कुछ अन्य लोगों को लाभ हो।

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