बोगेनविल ने खनन परियोजना के लिए चीनी कंपनी को ठुकराया, भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी का फैसला
बोगेनविल ने पंगुना खदान के लिए चीनी कंपनी से साझेदारी ठुकराकर भारतीय कंपनी लॉयड्स मेटल्स को प्राथमिकता दी, जिसे अर्थव्यवस्था और स्वतंत्रता की तैयारी से जोड़ा जा रहा है।
प्रशांत महासागर के द्वीप बोगेनविल ने एक अहम रणनीतिक फैसले में सोने और तांबे की खदान को दोबारा खोलने के लिए चीनी कंपनी के साथ साझेदारी को खारिज कर दिया है और अब एक भारतीय कंपनी के साथ काम करने का विकल्प चुना है। बोगेनविल कॉपर लिमिटेड अब भारतीय कंपनी लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के साथ खनन या सेवाओं से जुड़ी साझेदारी के मॉडल पर बातचीत कर सकती है।
करीब तीन लाख की आबादी वाले बोगेनविल ने वर्ष 2027 तक पापुआ न्यू गिनी से स्वतंत्रता हासिल करने की समय-सीमा तय की है। अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंगुना खदान को फिर से खोलना उसके लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। यह खदान पहले रियो टिंटो द्वारा संचालित की जाती थी और कभी पापुआ न्यू गिनी की सबसे बड़ी निर्यात आय का स्रोत थी। हालांकि, 1989 में एक भीषण गृहयुद्ध के दौरान, जिसमें करीब 20,000 लोगों की जान गई, खदान को बंद करना पड़ा।
बोगेनविल के राष्ट्रपति इश्माएल टोरोआमा ने गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने बोगेनविल कॉपर और चीनी खनन कंपनी सीएमओसी (CMOC) के बीच प्रस्तावित साझेदारी को अस्वीकार कर दिया है। यह पहला सार्वजनिक संकेत था कि स्थानीय खनन कंपनी ने पंगुना परियोजना में निवेश के लिए चीनी कंपनी को चुना था। राष्ट्रपति टोरोआमा ने बोगेनविल कॉपर को निर्देश दिया कि वह अब भारतीय कंपनी लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर आगे बढ़े।
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ऑस्ट्रेलियाई स्टॉक एक्सचेंज को शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को दी गई जानकारी में बोगेनविल कॉपर ने कहा कि उसके प्रतिनिधि और सीएमओसी राष्ट्रपति से संपर्क के प्रयास जारी रखे हुए हैं। वहीं, सीएमओसी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
बोगेनविल, सोलोमन द्वीप समूह से मात्र 30 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसने 2022 में चीन के साथ सुरक्षा समझौता किया था। ऐसे में यह फैसला क्षेत्रीय भू-राजनीतिक संतुलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बोगेनविल को आर्थिक मजबूती के लिए खदान से बड़े निवेश की जरूरत है, क्योंकि वह अपने बजट का केवल 5.3% ही आंतरिक रूप से जुटा पाता है।
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