LPG संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला, राज्यों को 10% अतिरिक्त आवंटन की पेशकश
LPG संकट के बीच केंद्र ने राज्यों को 10% अतिरिक्त गैस आवंटन की पेशकश की है। सरकार पीएनजी को बढ़ावा देकर एलपीजी पर निर्भरता कम करना चाहती है।
देश में एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कमी के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यावसायिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है। हालांकि, इसके लिए शर्त रखी गई है कि राज्य दीर्घकालिक समाधान के रूप में एलपीजी से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की ओर संक्रमण में सहयोग करें।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न सुधारों के आधार पर अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा। राज्य और जिला स्तर पर समितियों के गठन के लिए 1 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा, जो सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) परियोजनाओं की मंजूरी और शिकायतों के समाधान में मदद करेगा।
इसके अलावा, सीजीडी अनुमति देने के आदेश जारी करने पर 2 प्रतिशत, ‘डिग एंड रिस्टोर’ योजना लागू करने पर 3 प्रतिशत और वार्षिक किराया या लीज शुल्क कम करने पर 4 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा।
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सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग में सुधार देखा गया है। 17 मार्च 2026 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा 2300 से अधिक औचक निरीक्षण किए गए। साथ ही 30 राज्यों में स्टेट कंट्रोल रूम और 22 राज्यों में जिला कंट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके हैं।
सरकार ने बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं, खासकर व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। कई सीजीडी कंपनियां इसके लिए प्रोत्साहन भी दे रही हैं।
इसके साथ ही होटल और रेस्तरां जैसे क्षेत्रों में केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके।
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