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मध्य पूर्व की हर घटना का भारत पर असर, सरकार ने कहा—ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल स्थिर

सरकार ने कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति का भारत पर असर पड़ता है, लेकिन फिलहाल देश में पेट्रोलियम आपूर्ति स्थिर है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर घटना का सीधा असर भारत पर पड़ता है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत अपनी 90 प्रतिशत एलपीजी और लगभग 47 प्रतिशत एलएनजी कतर से आयात करता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते तनाव का प्रभाव देश की ऊर्जा आपूर्ति पर दिखना स्वाभाविक है।

सरकार ने कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति संतुलित बनी हुई है। कच्चे तेल की उपलब्धता सामान्य है और रिफाइनरियां बिना किसी बाधा के काम कर रही हैं। फिलहाल देश में ईंधन की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है।

सरकार घरेलू गैस (एलपीजी) पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कंपनियों ने कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिससे अब तक करीब 1.25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। हालांकि एलपीजी की मांग अभी भी उच्च बनी हुई है।

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वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 17 राज्यों ने वाणिज्यिक गैस आवंटन के आदेश जारी किए हैं, जबकि 15 राज्यों ने केरोसिन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।

सरकार ने यह भी कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने में राज्यों की अहम भूमिका है। केंद्र ने सभी राज्यों को इस संबंध में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निगरानी बढ़ाने के लिए 31 राज्यों में जिला स्तर पर मॉनिटरिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं।

सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जनता को नियमित अपडेट दे रही है।

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