आरबीआई गवर्नर ने दिए प्लास्टिक नोटों पर संकेत, अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में जारी होने की उम्मीद
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया कि भारत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में जारी हो सकते हैं। ये नोट ज्यादा टिकाऊ और सुरक्षित होंगे।
भारत में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलिमर करेंसी नोट देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, आम लोगों को इन नोटों के इस्तेमाल के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्लास्टिक नोटों को लेकर अहम जानकारी दी है।
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि केंद्रीय बैंक पॉलिमर नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर योजना के अनुसार काम आगे बढ़ता है तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में यानी अप्रैल-मई 2027 के आसपास प्लास्टिक नोटों को बाजार में उतारा जा सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे ये नोट प्रचलन में आने लगेंगे।
पॉलिमर नोट विशेष प्रकार की सिंथेटिक सामग्री से बनाए जाते हैं। इनमें मजबूत और लचीली प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल किया जाता है, जिस पर नोट की छपाई की जाती है। मौजूदा कपास आधारित कागजी नोटों की तुलना में ये नोट अधिक टिकाऊ माने जाते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लास्टिक नोटों की उम्र ज्यादा होने के कारण इन्हें बार-बार बदलने की जरूरत कम पड़ेगी। इससे सरकार का खर्च घटेगा और कचरा भी कम होगा। इसके अलावा इनमें नकली नोट बनाने की संभावना को रोकने के लिए बेहतर सुरक्षा फीचर भी शामिल किए जा सकते हैं।
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि कई देशों में पॉलिमर नोट 30 साल से अधिक समय तक चलने के रिकॉर्ड रखते हैं। उन्होंने कहा कि कम मूल्य वाले नोटों के लिए ये ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं क्योंकि इनका इस्तेमाल और लेन-देन सबसे ज्यादा होता है।
इससे पहले केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया था कि वित्त मंत्रालय ने आरबीआई के 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के करीब 100 करोड़ नोट छापने की योजना है।
इन नोटों को पहले परीक्षण के तौर पर बाजार में उतारा जाएगा, ताकि लोगों की प्रतिक्रिया और इनके इस्तेमाल की सुविधा का आकलन किया जा सके। सफल परीक्षण के बाद देश में बड़े स्तर पर प्लास्टिक करेंसी नोट जारी करने पर फैसला लिया जाएगा।
और पढ़ें: जुलाई में भारत का विनिर्माण पीएमआई 53.5 पर आया, सुस्त हुई रफ्तार लेकिन विस्तार जारी