बेंगलुरु में 20 वर्षीय छात्रा तालाब में मृत मिली, पुलिस को आत्महत्या का शक
बेंगलुरु में 20 वर्षीय छात्रा तेजू का शव तालाब में मिला। पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है। जांच में सामने आया कि उसने कथित रूप से संदेश भेजे थे।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक 20 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्रा का शव सदाशिवनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सांकी तालाब से बरामद किया गया। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
मृतका की पहचान तेजू के रूप में हुई है, जो चिक्कबनावारा इलाके की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना से पहले तेजू ने कथित तौर पर अपने प्रेमी को एक संदेश भेजा था, जिसमें उसने अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कही थी। इसके अलावा उसने अपनी मां को भी संदेश भेजा था।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में तेजू तालाब के पास अकेले पहुंचती हुई दिखाई दी है। तालाब के सुरक्षा गार्ड ने सबसे पहले उसका शव देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला।
और पढ़ें: 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: गुजरात हाई कोर्ट ने 38 आतंकियों की फांसी की सजा बरकरार रखी
जानकारी के मुताबिक, तेजू सोमवार शाम अपनी मां को बताए बिना घर से निकल गई थी। इसके बाद परिवार ने रातभर उसकी तलाश की और पुलिस की मदद ली। मंगलवार सुबह तालाब से शव मिलने के बाद उसकी पहचान की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तेजू के माता-पिता पिछले कुछ समय से अलग रह रहे थे। पुलिस अब उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनके कारण छात्रा ने यह कदम उठाया होगा।
इससे पहले कर्नाटक के मैसूरु जिले में भी ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया था। 23 जून को शादी से एक दिन पहले 21 वर्षीय होने वाली दुल्हन और उसके माता-पिता की कथित आत्महत्या का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, मृतका रक्षिता और उसके परिवार ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उल्लास गौड़ा पर मानसिक प्रताड़ना और झूठी अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से रक्षिता पर शादी के लिए दबाव बना रहा था, जबकि उसकी शादी कहीं और तय हो चुकी थी।
बेंगलुरु मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।
और पढ़ें: कर्नाटक में लापरवाही की हद: हेडलाइट खराब होने पर मोबाइल फ्लैशलाइट से चलाई बस, तीन कर्मचारी निलंबित