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देशभर में मानसून का कहर: महाराष्ट्र में 24 घंटे में तीन मौतें, जम्मू-कश्मीर में फ्लैश फ्लड, हिमाचल में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित

देशभर में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। महाराष्ट्र में तीन मौतें हुईं, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, ओडिशा और राजस्थान में बाढ़, भूस्खलन और अलर्ट जारी है।

देशभर में सक्रिय मानसून ने व्यापक तबाही मचाई है। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी तीन नई मौतों के साथ राज्य में बीते तीन-चार दिनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के दौरान चट्टान गिरने से 14 वर्षीय एक किशोरी की मौत हो गई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश कम रही, लेकिन लोगों को अत्यधिक उमस का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में "फील्स लाइक" तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

लगातार बारिश के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए तथा दीवार और होर्डिंग गिरने की कई घटनाएं सामने आईं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नव-निर्मित 'मिसिंग लिंक' सेक्शन पर कंक्रीट का खंभा गिरने से मार्ग बंद करना पड़ा। भूस्खलन के कारण भोर घाट रेलखंड पर रेल सेवाएं भी बाधित रहीं। जलभराव और मलबे के कारण पश्चिम रेलवे की 40 से अधिक ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि मुंबई आने वाली पांच उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा।

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति को "फोर्स मेज्योर" बताते हुए कहा कि सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। निजी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है और गैर-जरूरी सरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई।

हिमाचल प्रदेश में चंबा, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा, मंडी और सोलन जिलों में भारी बारिश से फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आईं। जम्मू-कश्मीर के डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग पर फ्लैश फ्लड से यातायात बाधित हो गया और किश्तवाड़ स्थित 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना के पास भारी मलबा जमा हो गया।

वहीं ओडिशा में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश जारी रही और पूरे राज्य में अलर्ट घोषित किया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दक्षिण-पूर्वी जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है।

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