ईरान युद्धविराम संकट में, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद; लेबनान में हमलों में 182 की मौत
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, जिससे युद्धविराम संकट में है। लेबनान में इजरायली हमलों में 182 लोगों की मौत हुई, जबकि शांति वार्ता पर अनिश्चितता बनी हुई है।
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच युद्धविराम समझौता टूटने के कगार पर पहुंच गया है। ईरान ने लेबनान में इजरायली हमलों के जवाब में रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद कर दिया है। इस कदम से वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल के बीच कल इस्लामाबाद में बैठक प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य युद्धविराम समझौते को अंतिम रूप देना है। हालांकि, इजरायल द्वारा हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर लगातार हमले जारी रहने से स्थिति और बिगड़ गई है।
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायल ने बिना पूर्व चेतावनी के कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों में कम से कम 182 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। यह मौजूदा संघर्ष के सबसे घातक दिनों में से एक माना जा रहा है।
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व्हाइट हाउस ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपील की है और शांति वार्ता को पटरी पर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस समझौते को बेहद नाजुक बताया है।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने अमेरिका पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्ध समाप्त करना भी इस समझौते का हिस्सा है।
हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता।
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