×
 

आप में बड़ा टूट: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों का पलायन, स्वाति मालीवाल विवाद से गहराया संकट

आप में आंतरिक कलह के चलते राघव चड्ढा समेत 7 सांसद भाजपा में शामिल हुए। स्वाति मालीवाल विवाद से शुरू हुआ संकट अब पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बन गया।

आम आदमी पार्टी (आप) में जारी आंतरिक संकट ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने समेत सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की, जिससे पार्टी में गहरे मतभेद उजागर हो गए।

यह घटनाक्रम अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहे आंतरिक संघर्ष, व्यक्तिगत मतभेदों और नेतृत्व पर अविश्वास का परिणाम माना जा रहा है। इस संकट की जड़ें वर्ष 2024 में उस समय पड़ीं, जब राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक करीबी सहयोगी ने उनके साथ मारपीट की थी। इस घटना ने पार्टी के भीतर असंतोष को जन्म दिया और धीरे-धीरे मतभेद गहराते गए।

हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं। उनके साथ अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और संदीप पाठक जैसे नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका है।

और पढ़ें: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के इस्तीफे पर AAP का पहला बयान: पंजाब माफ नहीं करेगा

राघव चड्ढा, जो कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते थे, 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे और पार्टी में उनका प्रभाव लगातार बढ़ रहा था। हालांकि 2024 में केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे और धीरे-धीरे उन्हें अहम जिम्मेदारियों से हटा दिया गया।

इस बीच, आप नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि यह सब भाजपा के "ऑपरेशन लोटस" का हिस्सा है और केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में सांसदों ने इस्तीफा दिया है।

यह घटनाक्रम पंजाब, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में आगामी चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

और पढ़ें: दिल्ली मेयर चुनाव: भाजपा ने प्रवेश वाही और मोनिका पंत को उम्मीदवार बनाया

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share