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एआई से बनाई गई फर्जी तस्वीरों में अमेरिकी नेताओं को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश

एआई से बनी फर्जी तस्वीरों और ईमेल के जरिए अमेरिकी नेताओं को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई। जांच में ये दावे झूठे पाए गए और विशेषज्ञों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए बनाई गई और छेड़छाड़ की गई तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर कुछ अमेरिकी नेताओं को दिवंगत अपराधी जेफ्री एपस्टीन से झूठा जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह खुलासा डिसइन्फॉर्मेशन वॉचडॉग ने किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी सात फर्जी तस्वीरों को एलन मस्क के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म X पर ही 2.1 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इससे यह साफ होता है कि तकनीक की मदद से फैलाए जा रहे झूठे दावे सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं और सच तथा झूठ के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है।

पिछले सप्ताह अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े तीन मिलियन से अधिक दस्तावेज, फोटो और वीडियो जारी किए थे। इसी के बाद सोशल मीडिया पर कई फर्जी दावे फैलने लगे। एपस्टीन मामले में पहले से कई बड़े वैश्विक नाम जुड़ चुके हैं, लेकिन न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति उम्मीदवार निक्की हेली का इसमें कोई नाम नहीं है।

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इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल की गईं, जिनमें ममदानी को बचपन में एपस्टीन के साथ दिखाया गया। इनमें उनकी मां और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर भी नजर आती हैं। ये सभी तस्वीरें AI से बनाई गई थीं। गूगल के एआई टूल Gemini ने इनमें SynthID नाम का अदृश्य वॉटरमार्क भी पाया, जो एआई कंटेंट की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है।

इसके अलावा निक्की हेली के नाम से एपस्टीन को भेजे गए एक कथित ईमेल का स्क्रीनशॉट भी वायरल हुआ, लेकिन जांच में ऐसा कोई ईमेल आधिकारिक दस्तावेजों में नहीं मिला। स्क्रीनशॉट में तारीख भी गलत पाई गई, जिससे इसके फर्जी होने की पुष्टि हुई।

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई आधारित फर्जी सामग्री लोकतंत्र और सार्वजनिक विश्वास के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।

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