चिली में भीषण जंगल की आग से कम से कम 15 की मौत, आपातकाल घोषित
दक्षिणी चिली में जंगल की भीषण आग से 15 लोगों की मौत और 50,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। हालात गंभीर होने पर सरकार ने आपातकाल घोषित कर सेना तैनात की है।
दक्षिणी चिली में भीषण जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई है। सरकार ने रविवार (18 जनवरी, 2026) को बताया कि इन आग की घटनाओं में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल घोषित कर दिया है।
सुरक्षा मंत्री लुइस कोर्डेरो के अनुसार, पिछले दो दिनों से नुब्ले और बायोबायो क्षेत्रों में आग लगी हुई है। ये इलाके राजधानी सैंटियागो से लगभग 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित हैं। दक्षिणी गोलार्ध में चल रहे ग्रीष्मकाल के दौरान तेज हवाओं और अत्यधिक गर्म मौसम के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में कठिनाई आ रही है।
देश भर में करीब दो दर्जन से अधिक जंगल की आग सक्रिय हैं, जिनमें से अधिकांश नुब्ले और बायोबायो क्षेत्रों में केंद्रित हैं। गृह मंत्री आल्वारो एलिजाल्दे ने स्थिति को “बेहद जटिल” बताया और कहा कि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
और पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया में भीषण बुशफायर: सैकड़ों घर जलकर खाक, एक की मौत
राष्ट्रपति बोरिक ने नुब्ले और बायोबायो में आपातकाल की घोषणा की। उन्होंने कहा, “सभी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।” आपातकाल के तहत सशस्त्र बलों को भी राहत और बचाव कार्यों में शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय आपदा निवारण एवं प्रतिक्रिया सेवा की निदेशक एलिसिया सेब्रियन ने बताया कि अधिकांश निकासी बायोबायो क्षेत्र के पेंको और लिरकेन शहरों से की गई है, जिनकी कुल आबादी लगभग 60,000 है।
हाल के वर्षों में दक्षिण-मध्य चिली जंगल की आग से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फरवरी 2024 में सैंटियागो के उत्तर-पश्चिम में विना डेल मार शहर के पास एक साथ कई आग लगने की घटनाओं में 138 लोगों की मौत हुई थी और करीब 16,000 लोग प्रभावित हुए थे। मौजूदा हालात ने एक बार फिर देश की आपदा प्रबंधन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
और पढ़ें: केरल में एसएनडीपी–एनएसएस की नई नजदीकी से राजनीतिक समीकरणों में हलचल