चीन का रहस्यमय हवाई क्षेत्र बंद, सैन्य अभ्यास की आशंका से चिंता बढ़ी
चीन द्वारा 40 दिनों तक हवाई क्षेत्र बंद करने से सैन्य अभ्यास की आशंका बढ़ी है, जिससे ताइवान और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है।
चीन द्वारा समुद्री क्षेत्र के ऊपर बड़े हिस्से के हवाई क्षेत्र को 40 दिनों के लिए बंद करने के फैसले ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। बीजिंग ने इस कदम के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, जिससे रक्षा विशेषज्ञों और क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
यह प्रतिबंध मार्च के अंत में शुरू हुआ और मई की शुरुआत तक जारी रहने की संभावना है। आमतौर पर हवाई क्षेत्र बंद करने की अवधि कुछ दिनों की होती है, जो सैन्य अभ्यास से जुड़ी होती है। लेकिन इतने लंबे समय तक बंद रहना असामान्य माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संभावित सैन्य गतिविधियों की तैयारी का संकेत हो सकता है। यह क्षेत्र ताइवान से दूर स्थित है, जिससे स्थिति और रहस्यमय हो जाती है। हाल ही में ताइवान के आसपास चीनी सैन्य उड़ानों में अचानक कमी भी देखी गई है, जो इस घटनाक्रम से जुड़ी हो सकती है।
और पढ़ें: ईरान युद्ध का 38वां दिन: अमेरिकी-इजरायली हमले में मेजर माजिद खादेमी की मौत, क्षेत्र में बढ़ा तनाव
हवाई क्षेत्र बंद करने की सूचना “नोटिस टू एयर मिशन्स” (NOTAMs) के जरिए दी गई है, जो आमतौर पर पायलटों को अस्थायी खतरों या प्रतिबंधों की जानकारी देने के लिए जारी की जाती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार यह अधिक जटिल सैन्य अभ्यास की तैयारी हो सकती है, जिसमें हवाई युद्ध जैसे परिदृश्यों का अभ्यास शामिल हो सकता है।
ताइवान के अधिकारियों ने भी चिंता जताई है कि चीन वैश्विक ध्यान मध्य पूर्व की ओर होने का फायदा उठाकर अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा सकता है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर तनाव बना हुआ है।
और पढ़ें: तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रही भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी, ‘ग्रीन आशा’ बनी आठवीं पोत