तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रही भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी, ‘ग्रीन आशा’ बनी आठवीं पोत
तनाव के बीच ‘ग्रीन आशा’ सहित आठ भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं, जबकि भारत सरकार और नौसेना सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद भारतीय झंडे वाले जहाजों की आवाजाही होर्मुज जलडमरूमध्य से लगातार जारी है। हाल ही में ‘ग्रीन आशा’ नामक जहाज ने इस संवेदनशील मार्ग को सफलतापूर्वक पार किया, जो 28 फरवरी से अब तक ऐसा करने वाला आठवां भारतीय पोत बन गया है।
इससे पहले ‘ग्रीन सनवी’ नामक एक अन्य भारतीय जहाज ने शुक्रवार रात सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य को पार किया था। यह जहाज लगभग 46,650 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर जा रहा था।
हाल के दिनों में ईरान द्वारा उन जहाजों पर हमलों के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिन्हें वह अपने खिलाफ मानता है, खासकर एलपीजी और कच्चे तेल ले जाने वाले जहाजों को। इससे इस मार्ग से गुजरना वाणिज्यिक जहाजों के लिए जोखिम भरा हो गया है।
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एक अन्य घटनाक्रम में, 28 मार्च को लगभग 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी की खेप गुजरात के जामनगर स्थित वाडिनार टर्मिनल (डीपीए कांडला) पहुंची। यह माल ‘एमटी जग वसंत’ जहाज के जरिए लाया गया था, जिसे अब एक अन्य जहाज में स्थानांतरित किया जाएगा।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे व्यापारिक जहाजों की सहायता कर सकें।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। भारत में ईरानी दूतावास ने भी भरोसा दिलाया है कि स्थिति नियंत्रण में है और चिंता की कोई बात नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत पेट्रोलियम का परिवहन होता है।
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