चीन की सख्ती जारी: म्यांमार आधारित साइबर ठगी गिरोह के 4 और सदस्यों को फांसी
चीन ने म्यांमार से संचालित साइबर ठगी और जुआ गिरोह के चार सदस्यों को फांसी दी, जिन पर अरबों की ठगी और छह चीनी नागरिकों की मौत का आरोप था।
चीन ने साइबर ठगी और अवैध जुए के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत म्यांमार स्थित एक आपराधिक गिरोह के चार और सदस्यों को फांसी दे दी है। चीनी अधिकारियों ने सोमवार, 2 फरवरी 2026 को बताया कि इन आरोपियों को छह चीनी नागरिकों की मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था और उन्होंने म्यांमार से संचालित घोटालों के जरिए 29 अरब युआन (करीब 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक की ठगी की थी।
दक्षिण चीन के शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने सोमवार सुबह एक बयान जारी कर इन फांसी की पुष्टि की, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दंड कब लागू किया गया। इससे पहले पिछले सप्ताह म्यांमार में ठगी केंद्र चलाने के आरोप में 11 अन्य दोषियों को फांसी दिए जाने की घोषणा की गई थी।
अदालत के अनुसार, नवंबर में इस गिरोह के पांच सदस्यों को मृत्युदंड सुनाया गया था, जिनमें कुख्यात बाई परिवार के सदस्य भी शामिल थे। गिरोह का सरगना बाई सुओचेंग सजा सुनाए जाने के बाद बीमारी के कारण जेल में ही मर गया।
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यह गिरोह म्यांमार के कोकांग क्षेत्र में औद्योगिक पार्क बनाकर वहां से जुआ और टेलीकॉम फ्रॉड का संचालन करता था। इन गतिविधियों में अपहरण, जबरन वसूली, जबरन वेश्यावृत्ति, नशीले पदार्थों का निर्माण और तस्करी जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। अदालत ने कहा कि इन अपराधों की प्रकृति बेहद क्रूर थी और इससे समाज को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।
दोषियों ने पहले फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन ग्वांगडोंग प्रांतीय उच्च न्यायालय ने सभी अपीलें खारिज कर दीं। यह कार्रवाई दक्षिण-पूर्व एशिया में फैल रहे साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ चीन के व्यापक अभियान का हिस्सा है। म्यांमार, कंबोडिया और लाओस में सक्रिय ऐसे घोटाले केंद्रों को लेकर चीन, अमेरिका और अन्य देशों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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