अमेरिका-रूस परमाणु संधि खत्म होना गंभीर क्षण: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख
संयुक्त राष्ट्र ने न्यू स्टार्ट संधि खत्म होने पर चिंता जताई और अमेरिका-रूस से नई परमाणु संधि करने की अपील की। चेतावनी दी गई कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा बढ़ गया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और रूस से जल्द नई परमाणु संधि पर सहमति बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा न्यू स्टार्ट (New START) संधि का समाप्त होना अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए “एक बेहद गंभीर क्षण” है। यह संधि 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो रही है, जिसके बाद दोनों देशों के परमाणु हथियारों पर लागू कई प्रतिबंध खत्म हो जाएंगे।
गुटेरेस ने अपने बयान में कहा कि आधी सदी से अधिक समय में पहली बार दुनिया ऐसी स्थिति का सामना कर रही है, जब अमेरिका और रूस के रणनीतिक परमाणु हथियारों पर कोई बाध्यकारी सीमा नहीं रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह दशकों की उपलब्धियों के खत्म होने जैसा है और ऐसे समय में हो रहा है जब परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा कई दशकों में सबसे अधिक माना जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यू स्टार्ट और अन्य हथियार नियंत्रण समझौतों ने वैश्विक सुरक्षा को काफी मजबूत किया था। इसलिए उन्होंने दोनों देशों से बिना देरी के बातचीत की मेज पर लौटने और नई व्यवस्था पर सहमत होने की अपील की।
और पढ़ें: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला बाजार, आईटी शेयरों पर दबाव
अमेरिका और रूस मिलकर दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक परमाणु हथियारों पर नियंत्रण रखते हैं। हालांकि हाल के वर्षों में हथियार नियंत्रण से जुड़े कई समझौते कमजोर पड़ते गए हैं।
2010 में हस्ताक्षरित न्यू स्टार्ट संधि के तहत दोनों देशों को अपने रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या 1,550 तक सीमित रखने का प्रावधान था, जो 2002 की सीमा से लगभग 30 प्रतिशत कम था। इस संधि के तहत दोनों देशों को एक-दूसरे के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने की भी अनुमति थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान ये निरीक्षण रोक दिए गए थे और फिर शुरू नहीं हो सके।
और पढ़ें: गाजा में इजरायल का बड़ा हमला, हमास कमांडर मुहम्मद अल-हबील ढेर